अचानक एक मैना आयी। अकेली। उसने मधुर गाना सुनाया, अपनी चोंच उठा कर ऊपर ताकते हुये। कुछ इस प्रकार से कि नमकीन और रोटी के लिये धन्यवाद ज्ञापन कर रही हो। अकेली मैना कुछ समय गा कर चली गयी।
Category Archives: 2nd Inning
मिश्रीलाल सोनकर, सतयुग वाले
कहते हैं भारत ऐसा देश है जो एक साथ बीस शतब्दियों में जीता है। उस हिसाब से यह कल्पना की जा सकती है कि एक अच्छी खासी आबादी सतयुग, त्रेता, द्वापर की भी अभी होगी। मिश्रीलाल की तरह अपने सतयुगी नोश्टॉल्जिया में जीती।
मानसिक हलचल – ब्लॉग लोगो डिजाइन के बहाने कथ्य
मैंने ब्लॉग पर जितना समय ब्लॉग-पोस्ट लेखन में लगाया है; उससे कम ब्लॉग के सौंदर्य और प्रस्तुति की छवि में नहीं लगाया होगा। पंद्रह साल मेंं ब्लॉग से कमाई शून्य है, पर उसके प्रति आसक्ति बहुत है।
