तेंदुआकलाँ का बनवासी सनी


पहली बार मुझे पता चला कि पलाश या छिउल की जड़ों के रेशे की रस्सी भी बनती है। मजबूत रस्सी। पलाश का हर अंग उपयोगी है। इसके दण्ड को ले कर ही बटुक का यज्ञोपवीत होता है। इसके पत्ते, फूल, फल, छाला – सब का ग्रामीण और वनवासी प्रयोग करते हैं।

आत्मनिर्भरता का सिकुड़ता दायरा


अब हताशा ऐसी है कि लगता है आत्मनिर्भरता भारत के स्तर पर नहीं, राज्य या समाज के स्तर पर भी नहीं; विशुद्ध व्यक्तिगत स्तर पर होनी चाहिये। “सम्मानजनक रूप से जीना (या मरना)” के लिये अब व्यक्तिगत स्तर पर ही प्रयास करने चाहियें।

बेल पके से चिरई के का लाभ?


चिन्ना और उसके माता पिता चिड़िया हैं। बेल गांव है। बेल में बहुत गुण हैं। मीठा है, शीतलता है। स्वास्थ्य के लिये आयुर्वेद बहुत कुछ बताता है बेल में। पर चिड़िया को बेल से क्या लाभ?

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