श्री कृष्ण अवतार पाण्डेय


मेरे लिए तो कृष्ण अवतार जी रोल मॉडल हैं. धारा प्रवाह सुसंस्कृत अवधी.. बुढ़ापे को सम्मानजनक रुप से काटने के लिए सजग और देश काल पर सूक्ष्म अवलोकन वाली दृष्टि.

पिताजी और यादें


शाम को घर के बरामदे में कुर्सी डाल हम बैठे थे – पिताजी, पत्नीजी और मैं। बात होने लगी पिताजी के अतीत की। डिमेंशिया है पिता जी को। हाल ही की चीजें भूल जाते हैं। पुराना याद है। आवाज धीमी हो गयी है। कभी कभी शब्द नहीं तलाश पाते विचार के लिये। जब समझ नहींContinue reading “पिताजी और यादें”

मुर्दहिया


बहुत पहले – बचपन की याद है। गांव सुकुलपुर। एक ओर किनारे पर चमरौटी और पसियान। तीन=चार साल का मैं और वहां से गुजरते हुये अपने से एक बड़े की उंगली थामे। मन में कौतूहल पर बड़े मुझे लगभग घसीटते हुये तेज कदमों से वहां से ले आये। कुछ इस अन्दाज में कि अगर वहांContinue reading “मुर्दहिया”

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