आप फल कैसे तोड़ते हैं? मैं तो बचपन में ढेला मार कर आम तोड़ने का यत्न किया करता था, पर बहुत सफल ढेलक तो कभी नहीं रहा। लग्गी से कभी कभार तोड़ा है आम पर जमीन पर गिर कर फल चोटिल हो जाता था और उसे खाने का मजा भी चोटिल हो जाया करता था।
असल में बचपन के बाद पूरी गंभीरता से फल तोड़ने की कोशिश कभी की ही नहीं। सिर्फ पढ़ाई कर नौकरी पाने की सोची, जिसमें इतने पैसे जेब में हों कि खरीद कर फल खाए जा सकें।
आप समझ सकते हैं कि मेरी जिन्दगी एक प्लेन वनीला आइसक्रीम जैसी रही। बहुत कुछ है जो न अनुभव किया और न एंज्वाय।


