आंधी पानी


इस साल तो अप्रेल महीने से ही नियमित अंतराल पर आंधी आ रही है और बरसात हो जा रही है। तापक्रम 38 डिग्री से ऊपर चढ़ ही नहीं रहा। उपर से कोरौनवा का भी भय व्याप्त है। अजब गजब समय है।

कठिन है जीवन, पिछली बरसात के बाद


जहां महुआरी थी, वहां अब झील बन गयी है। वह पानी कहीं निकल नहीं सकता। गांव वालों में न तो सामुहिक काम कर जल का प्रवाह बनाने की इच्छा है और न साधन। सरकार का मुंह देख रहे हैं…

अतिवृष्टि और गांव की क्राइसिस


गांव में आधा दर्जन लोग प्रधानी का चुनाव लड़ने का ताल ठोंक रहे हैं. पर इस क्राइसिस के अवसर पर उनकी आवाज सुनने में नहीं आती.

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free