करें मास्टरी दुइ जन खाइँ, लरिका होइँ, ननियउरे जाइँ


गुन्नीलाल जी का मत है कि हमें 50-30-20 के नियम का पालन करना चाहिये। “जितनी आमदनी हो, उसके पचास प्रतिशत में घर का खर्च चलना चाहिये। तीस प्रतिशत को रचनात्मक खर्च या निर्माण के लिये नियत कर देना चाहिये। बचे बीस प्रतिशत की बचत करनी चाहिये।

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