स्टेटस – नूरेशाँ मनिहारिन


औरतों की जरूरतें पूरी करने के लिये मनिहारिन अभी भी प्रासंगिक है। गांव की औरतें आज भी बाजार नहीं के बराबर निकलती हैं।

इस्माइल फेरीवाला


अर्थव्यवस्था को ले कर नौजवान रोना रो रहे हैं। #गांवदेहात में आठ हजार की मासिक आमदनी का मॉडल तो इस्माइल जी आज दे दिये मुझे।
…मुझे किसी अंगरेजी विद्वान का कथन लिखा याद आता है – न पढ़े होते तो सौ तरीके होते खाने-कमाने के!

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