विकीपेडिया (Wikipedia) की विश्वसनीयता


जब मैं विद्यार्थी था; और यह बहुत पहले की बात है; तब मुझे प्रिण्ट माध्यम के प्रति श्रद्धा थी। “ऐसा फलानी किताब में लिखा है” या यह “द हिन्दू में छपा था” कह कोट करना एक सत्य को प्रकटित करने जैसा होता था। फिर यह प्रकटन हुआ कि यह लिखने वाले भी हम जैसे हैंContinue reading “विकीपेडिया (Wikipedia) की विश्वसनीयता”

लीगल-एथिक्स (Legal Ethics) हीनता


मैं एस जी अब्बास काजमी को बतौर एक अकेले व्यक्ति, या दुराग्रही व्यक्ति (परवर्ट इण्डीवीजुअल) के रूप में नहीं लेता। वे कसाब को बचा ले जायें या नहीं, वह मुद्दा नहीं है (वे न बचा पायें तो शायद सरकार बचाये रखे)। मुद्दा यह है कि कोई व्यक्ति/वकील यह जानते हुये भी उसके पक्ष में गलती/खोटContinue reading “लीगल-एथिक्स (Legal Ethics) हीनता”

यह कैसी देशभक्ति?


एस जी अब्बास काज़मी का इण्टरव्यू जो शीला भट्ट ने लिया है, काफी विस्तृत है। फॉण्ट साइज ८ में भी यह मेरे चार पन्ने का प्रिण्ट-आउट खा गया। पर पूरा पढ़ने पर मेरा ओपीनियन नहीं खा पाया! आप यह इण्टरव्यू रिडिफ पर पढ़ सकते हैं।  ये सज्जन कहते हैं कि ये काफी बोल्ड और एडवेंचरसContinue reading “यह कैसी देशभक्ति?”

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