प्रेमसागर का कहना है वे अब शक्तिपीठों की पदयात्रा करेंगे


प्रेमसागर वे सज्जन हैं जिन्होने द्वादश ज्योतिर्लिंग कांवर पदयात्रा सम्पन्न की है। उनके साथ करीब तीन हजार किलोमीटर की डिजिटल यात्रा मेरे ब्लॉग ने भी की है। […]
शाम के भोजन के समय प्रेमसागर ने बताया कि वे सभी शक्तिपीठों की पदयात्रा करने की सोच रहे हैं। उनका सोचना एक संकल्प सरीखा होता है।

मटर की छीमी तोड़ने जाती औरतें


मुम्बई में सबर्बन लोकल ट्रेनों में कम्यूट करने वाली महिलाओं की अपेक्षा ये ज्यादा आपसी बोलचाल में व्यस्त लगती हैं। निश्चय ही उनसे ज्यादा प्रसन्न दीखती हैं। विपन्नता और प्रसन्नता में कोई व्युत्क्रमानुपाती सम्बंध नहीं होता।

पारसिंग का बकरा


“मम्मी, एक बकरा था मेरा। बहुत अच्छा था। मम्मी, क्या बताऊं, आज वह मर गया। घर पर उसकी लाश पड़ी है। उसे दफनाने के पैसे नहीं हैं। आप मम्मी बस सौ रुपये दे दें तो उसे दफना दूं।” – पारसिंग बोला।

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