पत्नीजी और बिटिया की ‘चढ़ाई’ को अहमियत दो पर उससे कुण्ठित होने या अड़ियल टट्टू की तरह न मानने की जरूरत नहीं है। … पांड़े जी; निंदक नियरे राखिये, आंगन कुटी छवाय! वे तुमारी जिंदगी के थर्ड-फोर्थ फेज के सबसे बड़े साथी हैं!
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
दोस्ती अनोखी – चिल मारिये यार
भीगी लड़की को उनकी पत्नी तौलिये से सुखाती हैं और एक ग्लास गर्म दूध उसके हाथ में दे रखा है। तब प्रारम्भ होती है अनोखी दोस्ती जगन्नाथ और पूर्वी की। वह जगन्नाथ जी की चिड़चिड़ी आदत पर कहती है – चिल मारिये; इतना टेन्शन क्यूं है यार!
वे गांव में बसने आये नहीं; और सम्भावना भी नहीं है।
कोरोना काल में और उसके अलावा गांव में सड़क बिजली पानी और इण्टरनेट का अभाव जो था, वह कम हुआ होगा पर वाराणसी और प्रयागराज के शहरी विकास की तुलना में वह असमानता (Inequality) बढ़ी ही होगी।
