घाघ केवल गांव में रहने वाले अनाम से जन कवि नहीं थे। वे हुमायूं और अकबर से मिले थे। अकबर ने प्रसन्न हो कर उन्हे कई गांव और चौधरी की उपधि दी थी। उन्होने कन्नौज के पास “अकबराबाद सराय घाघ” नामक गांव बसाया।
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
कड़े प्रसाद बोले – कोरोना त कतऊँ नाहीं देखातबा साहेब
“कोरोना कहां है साहेब?! मुझे तो कहीं नहीं दिखा। कोई कोरोना से बीमार नजर नहीं आया। वह तो पहले था। छ महीना पहले। अब कहीं नहीं है।” – कड़े प्रसाद ने उत्तर दिया।
इतना खर्च कर रहे हैं उम्मीदवार #गांवपरधानी में!
यह सब पैसा, जो इकठ्ठा हो रहा है, तुरंत पोस्टर लगाने, गाड़ी-मोटरसाइकिल का पेट्रोल भराने, चाय समोसा, जलेबी खिलाने, गांजा – दारू – भांग का प्रबंध करने या सीधे सीधे वोट खरीदने में जा रहा है। पगलाये हुये हैं उम्मीदवार!
