मेरे इन्स्पेक्टर श्री एस पी सिंह मेरे साथ थे और दिल्ली में मेरे पास डेढ़ घण्टे का खाली समय था। उनके साथ मैं निर्माण भवन के आसपास टहलने निकल गया। रेल भवन के पास ट्रेफिक पुलीस वाले की अन-सिविल भाषा में सलाह मिली कि हम लोग सीधे न जा कर मौलाना आजाद मार्ग से जायें।Continue reading “बत्तीस साल पहले की याद।”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
सफर रात में सैराता है – चंद्रशेखर यादव उवाच
यह मेरी प्रकृति के विपरीत था कि मैने मिर्जापुर के पास एक गांव में शादी के समारोह में जाने की सोच ली। सामान्यत: ऐसी जगह मैं जाने में आना कानी करता हूं और हल्के से बहाने से वहां जाना टाल देता हूं। यहां मुझे मालुम भी न था कि वह गांव सही सही किस जगहContinue reading “सफर रात में सैराता है – चंद्रशेखर यादव उवाच”
सरपत की बाड़
सर्दी एकबारगी कम हो कर पल्टा मार गयी। शुक्र-सनीचर को सब ओर बारिश हुई। कहीं कहीं ओले भी पड़े। ट्विटर पर रघुनाथ जी ट्वीट कर रहे थे कि दिल्ली में ओले भी पड़े। बनारस से अद्दू नाना ने फोन पर बताया कि देसी मटर पर पाला पड़ गया है। ओले पड़े थे, उसके बाद फसलContinue reading “सरपत की बाड़”
