संजीव तिवारी कहते हैं कि उनके बनिया ऑर्गेनाइजेशन में अगर “हम अपनी गर्दन खुद काटकर मालिक के सामने तश्तरी में पेश करें तो मालिक कहेगा, यार … थोड़ा तिरछा कटा है, तुम्हें गर्दन सीधा काटना नहीं आता क्या ???” बनिया (प्रोप्राइटरी) ओर्गेनाइजेशन, बावजूद इसके कि उनके सीईओ ढ़ेरों मैनेजमेण्ट की पुस्तकें फ्लेश करते हैं अपनेContinue reading “बनिया (प्रोप्राइटरी) ऑर्गेनाइजेशन”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
बुढ़िया चपरासी – द्रौपदी और मेरी आजी
पिछली पोस्ट में मैने अपने दफ्तर की एक बुढ़िया चपरासी के बारे में लिखा था। आप लोगों ने कहा था कि मैं उससे बात कर देखूं। मैने अपनी झिझक दूर कर ही ली। कॉरीडोर में उसको रोक उसका नाम पूछा। उसे अपेक्षा नहीं थी कि मैं उससे बात करूंगा। मैं सहज हुआ, वह असहज होContinue reading “बुढ़िया चपरासी – द्रौपदी और मेरी आजी”
चिठ्ठाजगत का मोबाइल संस्करण
चिठ्ठाजगत अब अपने मोबाइल संस्करण में ही दीखता है। मैं अपना वर्डप्रेस का ब्लॉग पन्जीकृत कराना चाहता था, पर विधि स्पष्ट नहीं हो सकी मोबाइल वाली उनकी साइट पर। फीड एग्रेगेटर का मोबाइल संस्करण एक दूरदर्शी कदम लगता है। ब्लॉगस्पाट और वर्डप्रेस के ब्लॉग मोबाइल संस्करण में उपलब्ध है। आगे ब्लॉग लोग मोबाइल पर हीContinue reading “चिठ्ठाजगत का मोबाइल संस्करण”
