आज देखा खेत खोद कर मिट्टी बेची जा रही है। पहले सोचा की शायद ग्राम सभा की जमीन के साथ यह खेल हो रहा है, पर पता चला कि किसान अपनी जमीन के साथ कर रहा है। पड़ोस के एक व्यक्ति ने बताया की एक बीघा जमीन की खुदाई से लगभग 60-70 हजार कमाता हैContinue reading “मिट्टी बेचना”
Category Archives: अर्थ
छोटे बिजनेस मॉडल
ठेले पर मसाला पीसने वाला चलता है। फेरीवाले की तरह। लोग अपने मसाले पिसवाते हैं। गीली दाल पिसवा कर पीठी बनवाते हैं। परसों हमारे चीफ सेफ्टी अफसर श्री एनके अम्बिकेश ऐसे और बिजनेस मॉडल बता रहे थे। पंजाबी सरदार वाशिंग मशीन का प्रयोग लस्सी बनाने के लिये तो करते ही हैं। उन्होने एक ऑटो-ड्रिवन ट्रॉलीContinue reading “छोटे बिजनेस मॉडल”
माधव सदाशिव गोलवलकर और वर्गीज़ कुरियन
वर्गीज़ कुरियन की पुस्तक – ’आई टू हैड अ ड्रीम’ में एक प्रसंग माधव सदाशिवराव गोलवलकर ’गुरुजी” के बारे में है। ये दोनों उस समिति में थे जो सरकार ने गौ वध निषेध के बारे में सन् १९६७ में बनाई थी। इस समिति ने बारह साल व्यतीत किये। अन्त में मोरारजी देसाई के प्रधानमन्त्रित्व केContinue reading “माधव सदाशिव गोलवलकर और वर्गीज़ कुरियन”
