सिकंदर सोनकर के ऑनलाइन लेन देन


उन हार्ड-कैशियों के मुकाबले दूसरे छोर पर लगता है सिकंदर। उसने बताया कि पिछले चार साल से वह नेट-बैंकिंग और क्यू.आर. कोड के माध्यम से लेन देन कर रहा है। महीने भर का लगभग 5-6 लाख का ट्रांजेक्शन ऑनलाइन होता है।

आजम इदरीसी के बहाने बिसरी मध्यवर्गीय जिंदगी


गांवदेहात में रहते हुये मुझे बहुत खुशी तब होती है जब मुझे अपने जीवन की जरूरतें, वस्तुयें और सुविधायें लोकल तौर पर मिलने लगें। वे सब मेरी साइकिल चलाने की दूरी भर में उपलब्ध हों। उनके लिये मुझे वाहन ले कर शहर न जाना पड़े।

रुद्राक्ष, तस्बीह और डिजिटल हज!


ज्योतिर्लिंग यात्रा विवरण तो मेरे ब्लॉग पर है ही। अब मन ललक रहा है कि किसी हाजी तो थामा जाये प्रेमसागर की तरह। उनके नित्य विवरण के आधार पर दो महीने की ब्लॉग पोस्टें लिखी जायें! वह इस्लाम को जानने का एक अनूठा तरीका होगा।

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