गांवदेहात डायरी खाड़ी युद्ध के चक्कर में आजकल बाहरी समाचार पत्रों का पठन बढ़ गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स, वाल स्ट्रीट जर्नल और वाशिंगटन पोस्ट तो नियमित देखता ही हूँ। उनकी रिपोर्टिंग, विश्लेषण और एडीटोरियल कंटेंट प्रभावित करते हैं। हमारे यहाँ के अखबार प्रायः वही बातें उठा कर छापते नज़र आते हैं। उनका अपना मौलिक लगभगContinue reading “होरमुज़ से गुजरते जहाज का स्वप्न”
Category Archives: Village Diary
निबड़ियाघाट का पीपे का पुल
गांवदेहात डायरी सत्तर की उम्र में पैडल चला कर गया पचेवरा तक। जाने में 16 और आने में 9 किलोमीटर। मौसम ठीक था, फिर भी लगा कि पानी की बोतल साथ ले गया होता तो बेहतर होता। मुझे आशा नहीं थी कि कुछ अलग देखने को मिलेगा। वही टूटी सड़क, वही ईंट-भट्ठे पर काम करतेContinue reading “निबड़ियाघाट का पीपे का पुल”
लसमणा के दुबे बंधु
गांवदेहात डायरी करीब साल भर बाद लसमणा और बनवारीपुर की संधि से गुजर रहा था। दांई ओर एक भव्य मंदिर बनता दिखा तो मेरी साइकिल अपने आप रुक गई। मंदिर के पास एक आदमी अपने तीन जर्मन शेफर्ड कुत्तों के साथ टहल रहे थे। बनियान और लुंगी में। तीनों कुत्ते बिना लीश के। मैंने सोचा,Continue reading “लसमणा के दुबे बंधु”
