2 मचिया बन गये अंतत:


मचिया के फ्रेम से मेरी पत्नीजी को एक और रचनात्मक काम मिल गया। … मैं बार बार जा कर उन्हे तन्मयता से पेण्ट करते देखता रहा। बहुत कुछ ऐसा भाव था उनके मन में जैसे कोई महिला एक शिशु को दुलार रही हो।

जेठ की तेज बारिश और मठल्लू यादव की मड़ई


लौटते समय मैं सोच रहा था – चालीस साल इस तरह के अनुभव कभी नहीं हुये। सवेरे साइकिल भ्रमण। बारिश में फंसना। मड़ई में शरण और एक किसान से इस तरह मुलाकात/बातचीत! कितने अफसर यह अनुभव ले पाते होंगे? नौकरी में या उसके बाद।

छोटी मछली से बड़ी पकड़ने की तकनीक


गहरी नदी यानी करारी। इन लोगों ने बताया कि उथली नदी को पटपट कहते हैं। करारी नदी में मछलियां होती हैं, पटपट में नहीं। मछली पकड़ने की सम्भावना बढ़ाने के लिये उनके लिये यह जानना जरूरी था कि नदी करारी है या पटपट।

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