मूलचन्द, गीता पाठ और भजन गायन


विपन्नता और जिम्मेदारियों में यह व्यक्ति टूटने की बजाय गंगा स्नान, गीता पाठ और भरथरी के नाथ पन्थी जोगियों के भजन का सहारा ले रहा है। गजब है मूलचन्द। गजब है हिन्दू समाज!

डेल्हीवरी के नीरज मिश्र जी मचिया का पैकेट ले गये आज!


मचिया के पैकेट का बोझ जो हमारे सिर पर था; वह नीरज की तत्पर सेवा से हल्का हो गया। नीरज जी ने बताया कि चार दिन में रघुनाथ जी को नोयडा में वह डिलिवर हो जाने की सम्भावना है।

1941 से 2021 – अनिरुद्ध कर्मकार से राजबली विश्वकर्मा


मैं ‘गणदेवता’ जैसे किसी दस्तावेज सृजन का स्वप्न तो नहीं देखता; पर अपने जीवन की दूसरी पारी में गांव में रहने के कारण यह तो मन में है कि पचास साल से हुये ग्रामीण बदलाव को महसूस किया जाये और लेखन में (भले ही ब्लॉग पर ही हो) दर्ज किया जाये।

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