सिर पर बालों का बोझ सामान्य से ज्यादा होने पर अकल भी कुंद होती है – ऐसा अहसास मुझे होता है। अलबर्ट आइंस्टाइन के बारे में मेरी सोच है कि वे और भी जोरदार वैज्ञानिक होते अगर उनके पास नियमित आने वाला नाऊ होता। भले ही सुंदर की तरह सीधा सादा गंवई नाऊ होता!
Category Archives: Village Life
रसूल हम्जातोव का त्सादा और यहां का गांव
रसूल हम्जातोव जैसी दृष्टि मेरी क्यों नहीं? अपने गांव को ले कर क्यों मैं छिद्रान्वेशी बनता जा रहा हूं। उसके लोगों, बुनकरों, महिलाओं, मन्दिरों, नीलगायों, नेवलों-मोरों में मुझे कविता क्यों नहीं नजर आती। नदी, ताल और पगडण्डियां क्यों नहीं वह भाव उपजाते?
रविवार, रामसेवक, अशोक के पौधे और गूंगी
माता-पिता ने उनका नाम रामसेवक रखा तो कुछ सोच कर ही रखा होगा। पौधों की देखभाल के जरीये ही (राम की) सेवा करते हैं वे! उनकी पत्नी को गुजरे दशकों हो गए हैं। बच्चे छोटे थे तो उनको पालने और उन्हें कर्मठता के संस्कार देने में सारा ध्यान लगाया।
