सुंदर नाऊ की पतोहू #गांवपरधानी उम्मीदवार


साल भर बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। यद्यपि प्रधानी का चुनाव पार्टी आधार पर नहीं हो रहा पर हर एक पार्टी अपने अपने पक्ष के प्रधान जितवाने का जोर लगायेगी। और ऐसा नहीं कर रही तो जल्दी ही करेगी भी। इस लिये सुंदर नाऊ की सिधाई की अपनी सशक्त ब्राण्ड वैल्यू है!

#गांवपरधानी की रहचह


ढूंढ़ी यादव तुरंत हाथ जोड़ने का पोज बना लिये। उन्होने बताया कि सूरज उगते ही प्रचार में निकल देते हैं और यही करते रात हो जाती है। उन्होने किरपा बनाये रखने का एक बार और अनुरोध किया। यह भी बताया कि अपनी जीत के लिये आश्वस्त हैं।

नारी, बुढ़ापा और गांव


जाने कितनी योजनायें आयीं। आवास की योजना, शौचालय की योजना, सोलर लाइट की योजना। उन सब योजनाओं ने भी इस महिला को नहीं छुआ। … मेरी पत्नीजी इस को गरीब सवर्ण की सामान्य उपेक्षा का उदाहरण मानती हैं।

अतिवृष्टि और गांव की क्राइसिस


गांव में आधा दर्जन लोग प्रधानी का चुनाव लड़ने का ताल ठोंक रहे हैं. पर इस क्राइसिस के अवसर पर उनकी आवाज सुनने में नहीं आती.