सरसों के खलिहान की लिपाई


फसल इस साल बढ़िया है। खेतों में दिखता है कि सरसों, अरहर, गेंहूं – सब अच्छा ही हुआ है। किसान और अधियरा, दोनो ही प्रसन्न होने चाहियें। महिला, जो खलिहान लीप रही थी, उसके कथन में भी सामान्य प्रसन्नता ही थी, मायूसी नहीं।

#गांवपरधानी की रहचह


ढूंढ़ी यादव तुरंत हाथ जोड़ने का पोज बना लिये। उन्होने बताया कि सूरज उगते ही प्रचार में निकल देते हैं और यही करते रात हो जाती है। उन्होने किरपा बनाये रखने का एक बार और अनुरोध किया। यह भी बताया कि अपनी जीत के लिये आश्वस्त हैं।

नारी, बुढ़ापा और गांव


जाने कितनी योजनायें आयीं। आवास की योजना, शौचालय की योजना, सोलर लाइट की योजना। उन सब योजनाओं ने भी इस महिला को नहीं छुआ। … मेरी पत्नीजी इस को गरीब सवर्ण की सामान्य उपेक्षा का उदाहरण मानती हैं।

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