प्रेमसागर – तारापुर से गलियाना, गुजरात में


रास्ते में लोग उनकी कांवर पदयात्रा देख कर सहायता करने में पीछे नहीं रहे। सवेरे चाय की दुकान पर चाय वाले सज्जन – सीताराम बाबा जी ने बुला कर चाय पिलाई और पैसे नहीं लिये। एक जगह कालू भाई और गिरीश भाई ने उन्हें रोक कर उन्हें चीकू और केले खिलाये। दोपहर में एक होटल में भोजन के लिये रुके और भोजन के बाद होटल वाले सज्जन ने भी इनसे पैसे नहीं लिये।

प्रेमसागर – यात्रा की प्रकृति बदल गयी है


अब तक तो प्रेमसागर की रिजर्व ऊर्जा काम आती रही है। उसके बल पर उन्होने वर्षा के विषम महीनों में भी लम्बी लम्बी यात्रायें की। अब उन्हें शरीर की मांग के आधार पर चलना चाहिये।

गंगा आरती @ गौगंगागौरीशंकर


पास में ही शमी का वह वृक्ष है, जिसे कल मेरी पत्नीजी और मैंने अपने घर से लाये दियों को सजाने के लिये चुना था। शमी में एक कोटर है। उसमें आरपार दिखता है। उस कोटर में भी एक दिया रखा था। आज सवेरे देखा तो सभी दिये वहां जस के तस थे।

देव दीपावली पर गंगा आरती शुरू होगी गौगंगागौरीशंकर पर


सतीश सिंंह ने बताया कि गंगा किनारे प्लेटफार्म बन गया है जहां रोज शाम सूर्यास्त के समय गंगा आरती हुआ करेगी। आज शुभ दिन है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली मनाई जाती है। आज से यहां गंगा आरती नित्य करना प्रारम्भ होगा।

सुनील ओझा जी और गाय पर निर्भर गांव का जीवन


इस इलाके की देसी गौ आर्धारित अर्थव्यवस्था पर ओझा जी की दृढ़ सोच पर अपनी आशंकाओं के बावजूद मुझे लगा कि उनकी बात में एक कंविक्शन है, जो कोरा आदर्शवाद नहीं हो सकता। उनकी क्षमता भी ऐसी लगती है कि वे गायपालन के मॉडल पर प्रयोग कर सकें और उसके सफल होने के बाद उसे भारत के अन्य भागों में रिप्लीकेट करा सकें।

ठण्ड बढ़ी है। आज कोहरे की दस्तक हुई है।


आज सवा छ बजे घर का गेट खोलने बाहर निकला तो पाया कोहरे की शुरुआत हो गयी है। अब दिनचर्या बदलेगी। सवेरे सात बजे साइकिल ले कर निकलने की बजाय अब नौ या दस बजे निकलना होगा। लेकिन साइकिल चलाते रहो ज्ञानदत्त जी। शारीरिक और मानसिक दोनो फिटनेस का मूल साइकिल में ही है। जिसContinue reading “ठण्ड बढ़ी है। आज कोहरे की दस्तक हुई है।”