चिड़ियोंं का कलेवा


कव्वे भी पास आने लगे हैं। पहले वे नीम के पेड़ के नीचे अपनी चोंच में खूब सारे रोटी के टुकड़े समेट भाग जाया करते थे। अब वे हमारी कुर्सी के पास नमकीन चुगने लगे हैं। चरखी और मैंना की अपेक्षा वे ज्यादा सतर्क रहते हैं।

कटका स्टेशन का लेवल क्रॉसिंग


वह लेवल क्रॉसिंग बहुत खराब है, पर उससे भी ज्यादा खराब मैंने देखे हैं। अगर उससे एक दो बार गुजरना होता तो शायद मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। दिक्कत यह है कि मुझे अपनी साइकिल ले कर दिन में दो चार बार उससे गुजरना होता है।

भरसाँय और मुहर्रम माई की पूजा


त्यौहार, पूजा और मुहर्रम को उससे जोड़ना – यह बहुत सचेतन मन से नहीं किया होगा उस बालक ने। पर मुहर्रम को मुहर्रम माई बना देना हिंदू धर्म का एक सशक्त पक्ष है। तैंतीस करोड़ देवता ऐसे ही बने होंगे!

Design a site like this with WordPress.com
Get started