नर्मदा दंड परिक्रमा: अध्याय 3


केदारपुर से घंसौर  08 मई 2026 दंड यात्री ने लाइव लोकेशन शेयर कर रखा है। उसकी तस्वीर चलती नजर आती है — तबियत दुरुस्त है, दंड भरा जा रहा है। केदारपुर से आगे निकल गया है, इतना पक्का है। नक्शे में सड़क किनारे के गाँव दिखते हैं — सुदामापुर, बरेली, किंदराई। मैं नक्शे पर माउसContinue reading “नर्मदा दंड परिक्रमा: अध्याय 3”

नर्मदा दंड परिक्रमा : अध्याय 2


केवड़ारी से केदारपुर  अप्रेल अंत — मई 2026 29 अप्रेल 2026 महीना भर हो गया है दंड भरते प्रेमसागर को। नक्शे पर दूरी जोड़ी जाये तो कच्ची-पक्की सड़कों, पगडंडियों, गाँवों-जंगलों से गुजरते पैंतालीस किलोमीटर नाप लिये हैं — दंड भरते। पच्चीस हजार से ज्यादा दंड। उनकी मानी जाये तो वे इससे दुगना नाप चुके हैं,Continue reading “नर्मदा दंड परिक्रमा : अध्याय 2”

बंधुआ मजदूरी का आधुनिक रूप 


रैट रेस में अपने को पेरते लोग — क्या बंधुआ मजदूर हैं? मैं साइकिल ले कर ईंट भट्ठा वाले मजदूरों को देखता हूं और स्लिंग बैग लिये बम्बई की सबर्बन ट्रेन में बैठे मोबाइल पर फेसबुक स्क्रॉल करते या ट्रेन के गेट पर रील बनाते नौजवान की कल्पना करता हूं। कौन बंधुआ मजदूर है औरContinue reading “बंधुआ मजदूरी का आधुनिक रूप “

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