बहुत बसें रुकती हैं राघवेंद्र के भोलेनाथ फूड प्लाजा पर


राघवेंद्र ने व्यर्थ के सामान-सजावट में पैसा बर्बाद नहीं किया है। त्वरित सर्विस कर एक साथ दो तीन बसों के यात्रियों को संतुष्ट करने का जो सिस्टम बनाया है, वह आकर्षित करता है।

पार्वती मांझी


गांवदेहात की पार्वती न केवल खुद अपने पैरों पर खड़ी है, वरन अपने साथ 5-6 अन्य को भी रोजगार दिला रही है। क्या खूब बात है! हेलो प्रधानमंत्री जी; आर यू लिसनिंग!

उफान पर हैं गंगा


गंगा के बहाव का वेग दर्शा रहा था कि अभी बाढ़ थमेगी नहीं। पानी बढ़ेगा। कभी कभी तो बहाव आता है। बहाव का, जलराशि का स्वागत!

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