सरकते बॉटलनेक्स (Bottlenecks)


जहां कहीं कतार लगी दिखे तो मान लीजिये कि आगे कहीं बॉटलनेक है। बॉटलनेक माने बोतल की संकरी गर्दन। किसी असेम्बली लाइन या यातायात व्यवस्था में इसके दर्शन बहुधा होते हैं। रेलवे आरक्षण और पूछताछ की क्यू में इसके दर्शन आम हैं। बॉटलनेक कैसे दूर करें? अगर सिस्टम बहुत जटिल है तो उसमें बॉटलनेक कोContinue reading “सरकते बॉटलनेक्स (Bottlenecks)”

विकीपेडिया (Wikipedia) की विश्वसनीयता


जब मैं विद्यार्थी था; और यह बहुत पहले की बात है; तब मुझे प्रिण्ट माध्यम के प्रति श्रद्धा थी। “ऐसा फलानी किताब में लिखा है” या यह “द हिन्दू में छपा था” कह कोट करना एक सत्य को प्रकटित करने जैसा होता था। फिर यह प्रकटन हुआ कि यह लिखने वाले भी हम जैसे हैंContinue reading “विकीपेडिया (Wikipedia) की विश्वसनीयता”

प्रतिस्पर्धा


मैं मुठ्ठीगंज में दाल के आढ़तिये की गद्दी पर गया था -  अरहर की पचास किलो दाल लाने के लिये। दाल कोई और ला सकता था, पर मात्र जिज्ञासा के चलते मैं लाने गया। प्रतिस्पर्धा कर्मठ व्यक्ति को आगे बढ़ाती है। तकनीकी विकास यह फैक्टर ला रहा है बिजनेस और समाज में। यह प्रतिस्पर्धा उत्तरोत्तरContinue reading “प्रतिस्पर्धा”

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