पिताजी और आजकल


मेरे पिताजी (श्री चिन्तामणि पाण्डेय) 81 के हुये 4 जुलाई को। चार जुलाई उनका असली जन्म दिन है भी या नहीं – कहा नहीं जा सकता। मेरी आजी उनके जन्म और उम्र के बारे में कहती थीं – अषाढ़ में भ रहें। (दिन और साल का याद नहीं उन्हें)। अब अषाढ़ई अषाढ़ होई गयेन्। (Continue reading “पिताजी और आजकल”

कछार में कल्लू की खेती की प्लानिंग


आज रविवार को कछार में गंगा किनारे घूम रहा था। एक छोटा लड़का पास आ कर बोला – अंकल जी, वो बुला रहे हैं। देखा तो कल्लू था। रेत में थाला खोद रहा था। दूर से ही बोला – खेती शुरू कर दी है। थोड़ी देर से ही है, पर पूरी मेहनत से है। कल्लूContinue reading “कछार में कल्लू की खेती की प्लानिंग”

कर्जन ब्रिज से गंगा पार, पैदल


अपनी मां के कूल्हे की हड्डी के टूटने के बाद के उपचार के सम्बन्ध में नित्य फाफामऊ आना-जाना हो रहा है। अठ्ठारह नवम्बर को दोपहर उनका ऑपरेशन हुआ। सफ़ल रहा, बकौल डाक्टर। [1] उन्नीस नवम्बर को सवेरे उनके पास जाने के लिये मैने नये पुल पर वाहन से जाने की बजाय ऐतिहासिक कर्जन ब्रिज सेContinue reading “कर्जन ब्रिज से गंगा पार, पैदल”

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