रविवार, रामसेवक, अशोक के पौधे और गूंगी


माता-पिता ने उनका नाम रामसेवक रखा तो कुछ सोच कर ही रखा होगा। पौधों की देखभाल के जरीये ही (राम की) सेवा करते हैं वे! उनकी पत्नी को गुजरे दशकों हो गए हैं। बच्चे छोटे थे तो उनको पालने और उन्हें कर्मठता के संस्कार देने में सारा ध्यान लगाया।

बिखारी समझते हैं मोदी सब समाधान निकालेंगे


“वैसे मोदी बनारस के हैं। उन्हे वोट दिया है। तेज दिमाग नेता हैं। सब समझते हैं। बिखारी को यकीन है कि मोदी जरूर कोई न कोई काम उस जैसे के भले के लिये करेंगे।”

कसवारू गोंण का मछली मारने का जुनून


75+ साल (देखने में 55-65 के बीच), 35 किमी मॉपेड चला कर बंसीं से मछली पकड़ने के लिये गंगा किनारे आना! और एक दिन नहीं; नित्यप्रति! अत्यन्त विस्मयादिबोधक! केवल तुम ही नहीं हो उलट खोपड़ी के जीव पण्डित ज्ञानदत्त!

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