वह फीचरफोन में डूबा नामिलनसार आदमी


एक सामान्य से आदमी ने मुझे बड़े जबरदस्त तरीके से स्नब किया!
कभी कभी ही तुम्हें नहले पर दहला मिलता है। नौकरी-अफसरी के दौरान नहीं मिला; यहाँ गांवदेहात में मिला; जीडी! :-)

रविवार, रामसेवक, अशोक के पौधे और गूंगी


माता-पिता ने उनका नाम रामसेवक रखा तो कुछ सोच कर ही रखा होगा। पौधों की देखभाल के जरीये ही (राम की) सेवा करते हैं वे! उनकी पत्नी को गुजरे दशकों हो गए हैं। बच्चे छोटे थे तो उनको पालने और उन्हें कर्मठता के संस्कार देने में सारा ध्यान लगाया।

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