जंगर चोरई नहींं करता मैं – रामसेवक


वे अपने हिसाब से बनारस से खरीद लाते हैं फूलों के पौधे, गमले या अन्य उपकरण। मेरी पत्नीजी उनके साथ लगी रहती हैं। पौधों, वृक्षों को पानी देना, धूप में रखना या बचाना आदि नियमित करती हैं। मेरी पोती चिन्ना पांड़े भी रामसेवक अंकल से पूछने के लिये अपने सवाल तैयार रखती है।

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