‘माता’ पुस्तक में श्री अरविंद कहते हैं कि धन दैवीय शक्ति है। यह असुरों के द्वारा हथिया ली गयी है। इसे वापस लाना है। ‘धन’ की तरह लेखन और शिक्षण संस्थायें भी दैवीय शक्तियां हैं। ये असुरों के द्वारा हथिया ली गयी हैं। इन्हें वापस लाना चाहिये।
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स्वास्थ्य का स्रोत – घर का बगीचा
कण्डाल से एक छोटी प्लास्टिक की बालटी में पानी ले कर वे हर पौधे के पास जाती हैं और उसकी जरूरत अनुसार पानी उनकी जड़ों में उड़ेलती हैं। पानी कण्डाल से लेने, चलने, झुकने आदि में जो व्यायाम है, वह पत्नीजी के स्वास्थ्य को पुष्ट करता है।
पीयूष वर्मा का मालिश-तेल, कंचे, माला और चलना
जनवरी 2023 में अभी 11 दिन हुये हैं। सवेरे इग्यारह बजे तक इस महीने मैं 1,00,194 कदम चल चुका हूं। यह औसत 9100 कदम प्रति दिन होता है। कई दिन मैं दस हजार से अधिक कदम चल चुका हूं। यह दिसम्बर के अनुपात में 80 प्रतिशत बेहतर है।
