बैठकी – धीरेंद्र दुबे जी से रिटायरमेण्ट @ 45 पर बातचीत


धीरेंद्र सामान्य मुद्दों पर भी मनन-मंथन कर कुछ नया नजरिया प्रस्तुत करने की विधा के माहिर हैं। इसीलिये मैंने सोचा कि रिटायरमेण्ट @ 45 वाले मुद्दे पर वे कुछ बेहतर बता सकेंगे, तभी यह विषय मैंने उनके समक्ष रखा।

रिटायरमेण्ट@45


मुझे यह विश्वास नहीं होता कि जब लॉगेविटी 100 साल की हो जायेगी तो पैंतालीस की उम्र में रिटायर हो कर लोग बाकी के पांच दशक सशक्त और रचनात्मक तरीके से विलासिता की हाय हाय में न फंसते हुए, हर साल नये बनते गैजेट्स को लेते बदलते रहने या नये मॉडल की सेल्फ ड्रिवन कार लिये बिना बिता सकेंगे।

नारी, बुढ़ापा और गांव


जाने कितनी योजनायें आयीं। आवास की योजना, शौचालय की योजना, सोलर लाइट की योजना। उन सब योजनाओं ने भी इस महिला को नहीं छुआ। … मेरी पत्नीजी इस को गरीब सवर्ण की सामान्य उपेक्षा का उदाहरण मानती हैं।

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