पेण्ट माई सिटी प्रॉजेक्ट, प्रयागराज


प्रयागराज गया था मैं पिछले मंगलवार। ढाई दिन रहा। शिवकुटी का कोटेश्वर महादेव का इलाका बहुत सुन्दर चित्रों वाली दीवालों से उकेरा हुआ था। पहले यह बदरंग पोस्टरों से लदा होता था। बड़ा सुन्दर था यह काम। (अर्ध) कुम्भ मेला तीन महीने में होगा प्रयागराज में। कई शताब्दियों बाद शहर का नाम पुन: प्रयागराज हुआContinue reading “पेण्ट माई सिटी प्रॉजेक्ट, प्रयागराज”

घुरहू मुसहर से बातचीत


करहर में महुआ के पेड़ के नीचे बैठा मिला घुरहू। पास में एक करीब 10 फुट की लग्गी (पेड़ से पत्ते तोड़ने की पतले बांस की चोंच जुड़ी डण्डी) पड़ी थी। साथ में उसकी पत्नी और एक कम्बल। पत्नी पास के किसी नल से अपने बरतनों में पानी भरकर लाई थी। बरतन में था एकContinue reading “घुरहू मुसहर से बातचीत”

डेढी और लेवल क्रासिंग की जरूरत


डेढ़ी – डेढ़ किलोमीटर लम्बी सड़क जो उत्तर में रेलवे लाइन और दक्षिण में गंगा किनारे के गांव द्वारिकापुर के बीच है और जिसके पूर्व में मिर्जापुर, पश्चिम में भदोही जिले के गांव हैं; के बारे में कल मैने बताना शुरू किया था। मेरा विचार है कि इस सड़क के माध्यम से गांव के जीवनContinue reading “डेढी और लेवल क्रासिंग की जरूरत”

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