कोलाहलपुर और मुर्दहिया


कोलाहलपुर में लगभग 400 घर हैं। उसमें से 3 घर सवर्णों के हैं। मुझे बताया गया कि शेष चमार हैं। कुछ खेती में लगे हैं। कुछ बुनकर हैं – कालीन बनाने वाले सेंटर पर जा कर आठ घंटे कालीन बुनते हैं। कुछ मजदूरी करते हैं। मैंने तुलसीराम की मुर्दहिया के कण तलाशने की सोची। परContinue reading “कोलाहलपुर और मुर्दहिया”

मिट्टी बेचना


आज देखा खेत खोद कर मिट्टी बेची जा रही है। पहले सोचा की शायद ग्राम सभा की जमीन के साथ यह खेल हो रहा है, पर पता चला कि किसान अपनी जमीन के साथ कर रहा है। पड़ोस के एक व्यक्ति ने बताया की एक बीघा जमीन की खुदाई से लगभग 60-70 हजार कमाता हैContinue reading “मिट्टी बेचना”

कटका (गांव) के लिये ब्रॉडबैण्ड की तलाश


मेरा विचार कटका/विक्रमपुर (जिला भदोही) को साल-छ महीने में सोशल मीडिया में कुछ वैसा ही प्रोजेक्ट करने का है, जैसा मैने शिवकुटी के गंगा कछार को किया था। ग्रामीण जीवन में बहुत कुछ तेजी से बदल रहा है। उस बदलाव/विकास को दर्ज करना और जो कुछ विलुप्त होता जा रहा है, उसका आर्काइव बनाना एकContinue reading “कटका (गांव) के लिये ब्रॉडबैण्ड की तलाश”

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