आसपास देखें तो जो दुख, जो समस्यायें, जो जिंदगियां दिखती हैं, उनके सामने कोरोना विषाणु की भयावहता तो पिद्दी सी है। पर जैसा हल्ला है, जैसा माहौल है; उसके अनुसार तो कोरोना से विकराल और कुछ भी नहीं।
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
बहुत आशायें नहीं हैं किसी आमूलचूल परिवर्तन की #गांवकाचिठ्ठा
बहुत कुछ सम्भावनायें नहीं लगतीं कि कोरोना काल में वापस आये हुनरमंद लोगों का प्रयोग कर उत्तर प्रदेश चमक जायेगा। और अगर कोई चमत्कार हुआ तो वह इस प्रांत का सौभाग्य होगा। वैसे; इस प्रांत का सौभाग्य देखने की आशा में छ दशक गुजार दिये हैं मैंने।
स्वैच्छिक लॉकडाउन या अपने पर ओढ़ा एकांतवास #गांवकाचिठ्ठा
पछुआ हवा है। लू बह रही है। वे भविष्यवक्ता जो कह रहे थे कि तापक्रम बढ़ते ही कोरोनावायरस अपने आप खतम हो जायेगा, अपनी खीस निपोर रहे हैं। ज्योतिषी लोग अपने अपने गोलपोस्ट बदल रहे हैं।
