सहुआरी के मिसिर जी


हमारी निरीक्षण स्पेशल ट्रेन धीमी हो गयी थी – उस जगह पर एक ट्रैक का घुमाव था और उस घुमाव का निरीक्षण करना था महाप्रबन्धक और उनके विभागाध्यक्षों की टीम को। चालक धीमी चाल से बढ़ रहा था कि नियत स्थान पर खड़ा कर सके ट्रेन को। हम लोग अन्तिम डिब्बे में बैठे पीछ देखContinue reading “सहुआरी के मिसिर जी”

मुर्दहिया


बहुत पहले – बचपन की याद है। गांव सुकुलपुर। एक ओर किनारे पर चमरौटी और पसियान। तीन=चार साल का मैं और वहां से गुजरते हुये अपने से एक बड़े की उंगली थामे। मन में कौतूहल पर बड़े मुझे लगभग घसीटते हुये तेज कदमों से वहां से ले आये। कुछ इस अन्दाज में कि अगर वहांContinue reading “मुर्दहिया”

गोण्डा – बलरामपुर बड़ी लाइन


गोण्डा-बलरामपुर-तुलसीपुर-बढ़नी – यह लगभग 115 किलोमीटर का छोटी लाइन का खण्ड हुआ करता था रेलवे का। छोटी लाइन से बड़ी लाइन के आमान (गेज) परिवर्तन का काम चलने के लिये बन्द था। काम पिछले साल के दिये अनुमान के अनुसार यह मार्च महीने में पूरा होना था, पर जब यह लगने लगा कि उससे ज्यादा समयContinue reading “गोण्डा – बलरामपुर बड़ी लाइन”

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