अंगुलिमाल को बुद्ध चाहिये थे, पश्चाताप के लिये। मुझे नहीं लगता कि जस्टिस तहिलियानी के कोर्ट में बुद्धत्व का वातावरण रहा होगा। खबरों के अनुसार तो वे स्वयं अचकचा गये थे इस कंफेशन से। अपना अजमल कसाब कसाई तो बहुत स्मार्ट निकला जी। उसे इतनी देर बाद ख्याल आया अपनी अन्तरात्मा का। रेलवे की भाषाContinue reading “स्मार्ट और धूर्त बधिक”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
कौन चाहता है इलेक्टॉनिफिकेशन ?
इन्जीनियरिंग की अस्सी प्रतिशत पढ़ाई मैने स्लाइडरूल और लॉगरिथ्मिक टेबल की सहायता से की गई गणना से पार की थी। पढ़ाई के चौथे और पांचवें साल में कैल्क्युलेटर नजर आने लगे थे। जब मैने नौकरी करना प्रारम्भ किया था, तब इलेक्टॉनिक टाइपराइटर भी इक्का-दुक्का ही आ रहे थे। मुझे याद है कि उस समय मैनेContinue reading “कौन चाहता है इलेक्टॉनिफिकेशन ?”
नत्तू पांड़े का झूला
नत्तू पांड़े, अपने दूसरे मासिक जन्मदिन के बाद बोकारो से इलाहाबाद आये और वापस भी गये। उनके आते समय उनके कारवां में इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मैं तो आगे आगे चल रहा था, वे पीछे रह गये। मुड़ कर देखा तो उनकी नानी उतरते ही उन्हें स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर एक पर अंत में बनीContinue reading “नत्तू पांड़े का झूला”
