कटका स्टेशन का लेवल क्रॉसिंग


वह लेवल क्रॉसिंग बहुत खराब है, पर उससे भी ज्यादा खराब मैंने देखे हैं। अगर उससे एक दो बार गुजरना होता तो शायद मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। दिक्कत यह है कि मुझे अपनी साइकिल ले कर दिन में दो चार बार उससे गुजरना होता है।

लोलई राम गुप्ता का भिण्डा


खांची में कई छेदों वाली पूपली के कई पैकेट थे। एक पैकेट बीस रुपये का। खुदरा में दो रुपये का एक बेचते होंगे दुकानदार। उसका नाम फेरीवाले ने बताया – “लोग चिप्स कहते हैं पर हम उसे भिण्डा कहते हैं। कटी भिण्डी जैसा दिखता है।”

टट्टू


“टट्टू पर भारत दर्शन” – क्या शानदार किताब बनेगी अगर उसपर यात्रा की जाये! एक सहयात्री, दो टट्टू और एक फोल्डिंग टेण्ट ले कर निकला जाये। एक दिन में तीस किलोमीटर के आसपास चलते हुये साल भर में भ्रमण सम्पन्न किया जाये! :-)

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