इतना जरूर समझ आया कि पेट पालने को बहुतेरे उद्यम हैं। और उसके लिये सरकार को निहोरते निठल्लों की तरह बैठा रहना कोई सम्मानजनक समाधान नहीं है। आपके पास ऊंट हो तो ऊंट से, गदहे से, वाहन या सग्गड़ (ठेला) से सामान ढो कर अर्जन किया जा सकता है।
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
पॉडकास्ट गढ़ते तीन तालिये
उन लोगों के कहे में वह ही नहीं होता जो आप सोचते हैं। पर उससे कहीं बेहतर होता है, जो आप सोचते हैं। यही मजा है तीन ताल पॉडकास्ट का। मैं अनुशंसा करूंगा कि आप इस सीरीज के सभी पॉडकास्टों का श्रवण करें, करते रहें। इसका नया अंक आपको शनिवार देर रात तक उपलब्ध होता है।
आत्मनिर्भरता का सिकुड़ता दायरा
अब हताशा ऐसी है कि लगता है आत्मनिर्भरता भारत के स्तर पर नहीं, राज्य या समाज के स्तर पर भी नहीं; विशुद्ध व्यक्तिगत स्तर पर होनी चाहिये। “सम्मानजनक रूप से जीना (या मरना)” के लिये अब व्यक्तिगत स्तर पर ही प्रयास करने चाहियें।
