प्रयागराज, लाइव सर्टीफिकेट और बैंक अधिकारी श्रीमती दिव्या गौड़ से मुलाकात


लाइव सर्टीफिकेट हेतु प्रयागराज की यात्रा रिटायर्ड सरकारी पेंशनर्स के लिये बैंक नवम्बर के महीने में तीर्थ स्थान सा होता है। वहां जा कर अपने जीवित होने का प्रमाण देना अनिवार्य वार्षिक कर्मकाण्ड है। मेरे घर में मेरे पिताजी और मैं – दो व्यक्ति सरकारी पेंशनर हैं। मेरा पेंशन खाता वाराणसी में है और पिताजी काContinue reading “प्रयागराज, लाइव सर्टीफिकेट और बैंक अधिकारी श्रीमती दिव्या गौड़ से मुलाकात”

माताप्रसाद – कड़ेप्रसाद और शीतला माता का मंदिर


नवरात्रि पर्व के पहले दिन मैं तुलापुर गांव में शीतला माता के मन्दिर गया था। यह मन्दिर जीर्णोद्धार कर बनाया गया है। मूर्तियों से लगता है कि सैकड़ों या हजार साल का रहा होगा वह मंदिर। खण्डित मूर्तियां भी रखी हैं वहां। वैसे यह पूरा इलाका शुंग और कुषाण कालीन अवशेषों से भरा पड़ा है।Continue reading “माताप्रसाद – कड़ेप्रसाद और शीतला माता का मंदिर”

द्वारिका और परवल का जवा


पचेवरा के घाट पर प्रतीक्षा करने वालोँ के लिये चबूतरा है। दाह संस्कार करने आये लोग और मोटर बोट पकड़ कर उस पार मिर्जापुर जाने वाले यहाँ इंतजार करते हैँ। मैँ सवेरे वहां तक चक्कर लगाता हूं। कुछ देर सुस्ताने के लिये उस चबूतरे पर बैठता हूं। वहां से गंगा की धारा भी दिखती हैContinue reading “द्वारिका और परवल का जवा”

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