यह दहशत शहर वालों का ही रचा हुआ है! वहां है प्रदूषण, भागमभाग, अकेलापन और असुरक्षा। गंदगी शहर से गांवों की ओर बहती है। वह गंदगी चाहे वस्तुओं की हो या विचारों की। गांव में अभी भी किसी भी चीज का इस्तेमाल जर्जर होने तक किया जाता है। कचरा बनता ही कम है।
Tag Archives: village
अतिवृष्टि और गांव की क्राइसिस
गांव में आधा दर्जन लोग प्रधानी का चुनाव लड़ने का ताल ठोंक रहे हैं. पर इस क्राइसिस के अवसर पर उनकी आवाज सुनने में नहीं आती.
पेंट माई होम, तिउरी के राकेश का हुनर
द्वारिकापुर के ग्रामीण द्वारा अपने घर की दीवार पर चित्र पेंट कराना आकर्षक लगा मुझे. कभी मुझे भी अपने घर में दीवारों पर कुछ पेंट कराने का मन हुआ तो तिउरी के इस कलाकार को तलाशूंगा.
