इस गांव में भारत की अर्थव्यवस्था में ब्रेक लगे दिखते हैं


कुल मिला कर एक सवारी गाड़ी का रेक और चार बसें यहां मेरे घर के बगल में स्टेबल हैं। … यानी अर्थव्यवस्था को ब्रेक लग चुके हैं और उसे देखने के लिये मुझे अपने आसपास से ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ रहा।

आनंदा डेयरी के चंदन ठाकुर


गोपालजी डेयरी (कालांतर में गोपालजी-आनंदा) ने उत्तर भारत/उत्तर प्रदेश में बहुत विस्तार किया। चंदन ठाकुर का कहना है कि इस डेयरी के मुखिया राधेश्याम दीक्षित बहुत डायनमिक व्यक्ति हैं। कम्पनी के दुग्ध उत्पादों की बड़ी रेंज है। आनंदा के व्यवसायिक क्षेत्र विस्तार की भी बहुत योजनायें हैं।

गारण्टीशुदा आय प्रयोग पर विचार


यहां गांव में प्रसन्नता के स्तर में वृद्धि (लॉकडाउन के बावजूद‌) मैंने देखी है। पर सरकारी फ्री राशन भी बेच कर दारू पीने के मामले भी सुनने में आये हैं। खातों में पैसे आने से मैंने महिलाओं को अधिक प्रसन्न होते पाया है।

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