नेफ्रॉलॉजिस्ट डा. अशोक कुमार बैद्य और जीवन की लॉन्गेविटी के प्रश्न


यह ब्लॉग पोस्ट बढ़ती उम्र, अस्वस्थता, उससे उत्पन्न व्यग्रता और जीवन की सार्थकता संबंधी व्यथा पर है। व्यक्तिगत अनुभव।

डा. तपन मंडल के साथ – डाइट की प्लानिंग


डाक्टर मंडल का एक कथन मुझ पर काफी असर कर गया – “आपकी बॉडी अब तक मधुमेह की दवाओं के नियंत्रण में रही। कभी कुछ बदला भी तो थोड़े दवा के हेर फ़ेर से काम चल गया। पर अब उम्र ऐसी हो गई है कि आपका शरीर मधुमेह की दवाओं को चैलेंज कर रहा है।”

धनी कैसे व्यवहार करते हैं


आने वाले समय में जहां गंगा किनारे मड़ई में रहने वाले किसान और मछेरे की जिन्दगी के बारे में देखना, लिखना चाहूंगा, वैसे ही तिवारी जी और पाण्डेय जी जैसे लोगों को देखने, समझने और उनपर लिखने का अवसर भी तलाशता रहूंगा।

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