प्रमोद सोलर नाऊ


पुराने सभी नाऊओं से अलग, आज गांव में शिवाला के पास एक हाई-टेक नाऊ की दुकान देखी। उसकी दुकान के बाहर एक 200 वाट का सोलर पैनल पड़ा था। सड़क किनारे यूं ही रखा हुआ। उससे तार उसकी दुकान में जाता था।

रामगुन चौहान, पपीता वाले


साठ साल का आदमी, ईंट भट्ठा मजूरी से खड़ा हुआ। अब छब्बीस लाख की जमीन का बैनामा कराने की क्षमता रखने वाला हो गया है। रामगुन में रामजी ने गुण जरूर भरे होंगे!

गंगा किनारा और बालू लदान के मजदूर


काम मेहनत का है। सो 3-4सौ (गांव का रेट) न कम है न ज्यादा। जो गांव में रहना चाहते हैं, वे इसको पसंद करेंगे; वर्ना अवसर देख कर महानगर का रुख करेंगे। मजदूर गांव/महानगर के बीच फ्लिप-फ्लॉप करते रहते हैं।

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