राजबली से मुलाकात


राजबली दसवीं आगे नहीं पढ़े। उसके बाद ममहर बाजार में किराने की दुकान खोली। पर उनके बब्बा को यह पसंद नहीं था कि घर से दूर राजबली पुश्तैनी धंधे से अलग काम करें।

पैदल जाते भरत पटेल


अस्सी पार का व्यक्ति, बारह किलोमीटर सामान्य चाल चलने का स्टेमिना और उम्रदराज होने पर भी अपने नाते रिश्तों से मेल मिलाप हेतु यात्रा करने का ज़ज्बा – अपने ननिहाल तक से रिश्ता जीवंत रखना – यह सामान्य बात नहीं है।

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