महुआ टपकने लगा है और अन्य बातें


बहेड़ा के फल गिरते महीना से ऊपर हो गया। अब महुआ भी टपकने लगा है। चार पांच दिन हो गये, आसपस टपक रहा है महुआरी में। बच्चे एक एक पन्नी (पॉलीथीन की थैली) में महुआ के फूल बीनने लगे हैं। जुनून सा दिखता है उनमें महुआ बीनने का।

राजबली के साथ कुछ समय – बसुला और कलम का मेल


मुझे उनका काम स्वप्निल लगता है और उन्हे मेरी साहबी। हम दोनो जानते हैं कि एक दूसरे से केवल बोल बतिया ही सकते हैं। आपस में मिलने का आनंद ले सकते हैं। न वे मेरा काम कर सकते हैं न मैं उनका।

कैलाश दुबे: कुंये खुदने बंद हुये और सामाजिकता खत्म होने लगी


अब कुंये और तालाब कोई बनवाता नहीं। हैण्डपम्प जो सामुहिक प्रयोग के लिये लगे हैं, वे जिसके घर के पास हैं, वही उनका स्वामी बन बैठा है। पड़ोसी को भी उसका प्रयोग करने नहीं देता।

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