हेमेन्द्र सक्सेना जी के संस्मरण – पुराने इलाहाबाद की यादें (भाग 4)


भारत के उज्वल भविष्य की हमारी आशायें किसी अनिश्चय या भय से कुन्द नहीं हुई थीं। हम यकीन करते थे कि आम आदमी की जिन्दगी आने वाले समय में बेहतर होने वाली है।

हेमेन्द्र सक्सेना, रिटायर्ड अंग्रेजी प्रोफेसर, उम्र 91, फेसबुक पर सक्रिय माइक्रोब्लॉगर : मुलाकात


हेमेन्द्र जी ने अपने संस्मरण टुकड़ा टुकड़ा लिखे हैं. उनके लगभग 14 पन्ने के हस्त लिखित दस्तावेज की फोटो कॉपी मेरे पास भी है. कभी बैठ कर उसका हिन्दी अनुवाद कर ब्लॉग पर प्रस्तुत करूंगा.

जोगी बाबा – सिद्धिनाथ मन्दिर का साधू और अनाथ गौवंश को पालनेवाला


पिछले दो साल से इस इलाके में साइकिल से घूम रहा हूं मैं, पर राजकुमारनाथ (जोगी बाबा) जैसा विलक्षण व्यक्ति नहीं पाया मैने।

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