रिटायरमेण्ट@45


मुझे यह विश्वास नहीं होता कि जब लॉगेविटी 100 साल की हो जायेगी तो पैंतालीस की उम्र में रिटायर हो कर लोग बाकी के पांच दशक सशक्त और रचनात्मक तरीके से विलासिता की हाय हाय में न फंसते हुए, हर साल नये बनते गैजेट्स को लेते बदलते रहने या नये मॉडल की सेल्फ ड्रिवन कार लिये बिना बिता सकेंगे।

मुराहू पंडित से दीर्घ जीवन के सूत्रों पर चर्चा


मुराहू पण्डित ने बताया – कम खाना, परिश्रम, व्यायाम, नियमित दिनचर्या और तनावमुक्त जीवन जीना – यही मुख्य बिंदु हैं। उन्होने जो कहा, वह वहीं अपनी साइकिल थामे, अपनी साइकिल पर बैठे बैठे मैंने मोबाइल में रिकार्ड किया।

सूर्यमणि तिवारी – अकेलेपन पर विचार


फोन पर ही सूर्यमणि जी ने कहा था कि बहुत अकेलापन महसूस होता है। यह भी मुझे समझ नहीं आता था। अरबपति व्यक्ति, जो अपने एम्पायर के शीर्ष पर हो, जिसे कर्मचारी, व्यवसाय, समाज और कुटुम्ब के लोग घेरे रहते हों, वह अकेलापन कैसे महसूस कर सकता है?

Design a site like this with WordPress.com
Get started